Wednesday, 6 May 2015

देश और समाज की रक्षा करने वाला पुलिस ने बना दिया चोर कातिला!

            आज भी हमारे समाज में पुलिस विभाग देश व कानून की रक्षा के लिए बनाया गया ही लेकिन पुलिस वाले ही किसी को चोर व डाकू बनाकर उनकी जिन्दगी के साथ खेल रहे है, आइये सुनते ही ऐसी एक पीड़ित की कहानी उसी के जुवानी से।
मेरा नाम राम सूरत उर्म 32 वर्ष, पिता राम लाल, ग्राम-रौंप, घसिया बस्ती, पोस्ट- सहिजनकला, थाना- राबट्र्सगंज, जनपद-सोनभद्र है। मेरे 4 लड़के और 1 लड़की  है। मैं अनुसूचित जनजाति का रहने वाला हूँ। मैं बनी मजदूरी करके अपने परिवार न बच्चों का पेट-पालता हूँ।
घटना- दिनांक 9 जनवरी 2012 की सुबह लगभग 8:30 शाम पर उसी दिन रिटर्न आफ नार्थ इण्डिया प्रोग्राम लखनऊ में था मैं त्रिवेनी एक्सप्रेस टेªन से सुबह लगभग 6:00 शाम रेलवे स्टेशन राबटर्सगंज आये और फिर लगभग 7:30 शाम पर घर आये और आकर अपने चौकी पर बैठकर आराम कर रहा था कि अचानक 10 पुलिस जो अपने वर्दी में थे आकर हमारे घर को चारो तरफ से घेर लिये। इसके बाद अचानक सी0ओ आकर मेरा कालर पकड़कर माँ-बहन की भद्दी-भद्दी गाली देने लगे और पकड़कर घर से बाहर निकाल दिया। तब मैं सी0ओ साहिब से बोला कि साहब आप ये क्या कर रहे है अभी मै लखनऊ से प्रोग्राम से वापस आ रहा हूँ तो सी0ओ साहब बोले कि तुम झूठ बोल रहे हो चलो तुमको बड़े साहब के पास लेकर चलता हूँ। तब मेरी पत्नी (दुलारी देवी) बोली कि साहब इनको कहा लेकर जा रहे हो इनका क्या कसूर ये अभी बाहर से आ रहे है। तब पुलिस वाला बोले कि ये पति पत्नी दोनों नौटंकी कर रहे है। तब पुलिस मुझे पकड़ ली और 4 पुलिस वालो ने मेरी पत्नी को घर के बाहर पत्थर पर पटक दिये और दो पुलिस वाले मेरी पत्नी के कमर पर लात से 2 लात मारे और डण्डे से पेट पर मारे उसी मार से मेरी पत्नी का प्रसव वही तुरन्त हो गया और माँ-बहन की भद्दी-भद्दी जाति सूचक गाली देने लगे। तब मेरी पत्नी के फूफा ने पुलिस वालो से पूछा कि साहब दुलारी देवी को अनायास के क्यो मार रहे है। तब पुलिस वाले मेरी पत्नी के फूफा को भी लात, मुक्का, डण्डे से बहुत ही बेरहमी से जानवरों की तरह मारना शुरू कर कर दिये और साथ ही उनको माँ-बहन की भद्दी-भद्दी गाली देने लगें। जब मेरी पत्नी का डिलेवरी वही पर हुआ तो पुलिस वाले मेरी पत्नी को छोड़कर भाग गये और मुझे 8:00 रात को पुलिस वालो ने अपनी जीप में बैठा लिये और थाना-राबटर्सगंज, ले गये और मुझे लाकप में बन्द कर दिये। शाम लगभग 7:00 बजे लाकप से बाहर निकाल कर पूछ-ताछ कर रहे थे और मेरे बदन पर (पीठ, पैर, तारू) कपड़ा उतार कर रूल से मारने लगे। मैं चिल्ला रहा था। वे बार-बार कह रहे थे कि तुम लोग सब माल कहा रखो हो बता दो मै तुम्हें छोड़ दूगा तब मै बोला कि साहब मैं रिक्सा चला कर अपने तथा अपने परिवार को पालन-पोषण करता हूँ। इसके बाद पुलिस वालो ने मुझे इतना मारा कि मैं विहोश हो गया। तब एक पुलिस वाले ने मेरे चेहरे पर पानी का छिट्टा मारा मेुझे होश आया इसके बाद पुलिस वाले ने मुझे करेन्ट सटाकर मार रहे थे। साथ ही दो पुलिस वाले शराब पीकर आये फिर से मुझे उघारे बदन पर मारने लगे। तब मैं जोर -जोर से चिल्ला रहा था कि मुझे छोड़ दिया जाय। मैं बेकसूर हूँ तो पुलिस वाले फिर से मारने-पीटने लगे। जब मैं दर्द से कराह रहा था तो मैं बोला साहब मेरे शरीर बहुत दर्द कर रहा है। अगर कोई दवा देदें।
तब पुलिस वाले लात-घुसा तथा रूर से मेरे पीट, पेट, गाल पर मारने लगे, मारने के बाद मेरा बयान लियें। जो पुलिस वाले मुझे मार-पीटकर गलत बयान लिये और मेरी बस्ती से तीन लोग (फूलचन्द, केशव, रामभरोस) कोतवाली राबटर्सगंज गये और मुझे दिनांक 9 जनवरी, 2014 को रात में लगभग 9:00 बजे पुलिस वालो ने मेरा बयान लिया और फिर मुझे छोड़ दिया। पुलिस वालों ने मेरा घड़ी, पर्स जिसमें 500 रुपये था सब ले लिये। मेरा मेडिकल भी नहीं कराये। मैं जिला अस्पताल में अपने मेडिकल करवाने गया तो कोई भी डाक्टर मेरा जाच नहीं किया और डाक्टर बोले कि तुम लोगो कोई जाच नहीं होगा और न ही दवा मिलेगा, डाक्टर बोले जो करना हो कर लेना। क्योकि ये आदेश बडे़ डाक्टर ने दिया है। मेरी पत्नी का कोई भी जाच व दवा नही किया गया। तब कचहरी से पता चला कि तुम लोग पुलिस वालो और डाक्टर से मार-पीट किये हो। इस लिये तुम्हारे ऊपर मुकदमा अपराध संख्या 65,12 धारा 147, 148, 186, 332, 353, 336, आई0पी0सी एक्ट से फर्जी मुकदमा पुलिस द्वारा लगाया गया जो गलत है जिसका हमलोगों ने न्यायालय से फर्जी केस का मुकदमा लड़ रहे है और जमानत भी करा लिये है।
दिनांक 7 जनवरी, 2012 को शाम 6:00 बजे रिटर्न आफ नार्थ इण्डिया का प्रोग्राम के लिये गया था। जिसके मुख्य अतिथि माननीय अवनीश अवस्थी (सचिव उच्च शिक्षा विभाग) थे। अगले दिन 8 जनवरी, 2012 को शाम 4:00 बजे त्रिवेणी एक्सप्रेस से चले और अगले दिन 9 जनवरी, 2012 को सुबह लगभग 6:00 बजे राबटर्सगंज आया। तो बाद पता चला कि मेरे खिलाफ जितेन्द्र कुमार सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह ट्रक चालक ट्रक सं0 64|7414 जो बलिया खुर्द, पोस्ट-शिकार गंज, थाना-चकिया, जनपद-चन्दौली उ0प्र0 का निवासी है। जिसने मेरे खिफाल फर्जी तरीके फसाने के लिए मेरे ऊपर मु00 सं0 64/12 धारा 394 आई0पी0एक्ट 9/12 का फर्जी मुकदमा लगवाया है। जो सरासर गलत है।
आपको अपनी बात को बता कर हल्का पन महसूस कर रहा है।

साक्षात्कारकर्ता-पिंटू कुमार गुप्ता
संघर्षरत पीड़ित राम सूरत